| 09:00 – 09:15 am |
Introduction of Parmagam Honours course |
Swanubhuti Jain |
| 09:15 – 09:40 am |
सर्वज्ञता का स्वरूप, सर्वज्ञ सिद्धि की आवश्यकता और नहीं मानने में हानि |
स्वानुभूति जैन |
| 09:40 – 10:10 am |
जैन दर्शन के सभी सिद्धांतों का मूल आधार – सर्वज्ञता |
डा. शांतिकुमार पाटिल |
| 10:10 – 10:40 am |
सर्वज्ञ सिद्धि – विभिन्न शास्त्रों के परिप्रेक्ष्य में और तर्क की कसौटी पर |
डा. संजीव गोधा |
| 10:40 – 11:35 am |
सर्वज्ञता का श्रद्धान, क्रमबद्ध पर्याय और आत्मानुभूति |
डा. हुकमचंद भारिल्ल |
| 11:45 – 12:00 pm |
Summary, Result announcement, Testimonials, thank you note |
Swanubhuti Jain |