Why do this Course?

  • Systematic:
    To systematically learn Jainism from basics to the scholar level in classroom with a qualified teacher!
  • Easy:
    Has open book exam pattern although the paper is tricky to ensure in-depth understanding of the principles
  • Simple:
    Mostly objectives in question paper so not a lot of writing expected!
  • Practical:
    Assignments during the course with a focus on practical application of learned concepts.
  • Scalable:
    Join from any corner of the world – Physical & Live Virtual batches for flexibility of time and space
  • For everyone:
    Students, businessmen, professionals, homemakers & retired – open to all age groups above 14 years

Highlights of Parmagam Honours course:

  1. Only 2 Hours classes each week
  2. 40+ Jain scriptures covered in 5 years
  3. Books based on basic principles like Ahinsa, Nimitt Upadan, Anekant Syadvad, etc to core Parmagams like Samaysar et al
  4. Practical Assignments during the course and final ‘Open book exams’ with ‘Objectives only’ questions
  5. Options for classes from physical classroom sessions or Virtual Live sessions
  6. All classes are recorded and shared with students for easy reference
  7. Course divided into 2 semesters every year – Semester 1 Feb-Jun (exams in July) & Semester 2 Aug-Dec (exams in Jan) & so on.
  8. Subsidised Course fees: Rs. 1500 per annum (Includes books, Courier charges in India, Teaching and Exam fees)
  9. The syllabus is based on Jain Darshan Shastri course conducted at Pandit Todarmal Smarak Trust, Jaipur
  10. Affiliated with Veetrag Vigyan Vidyapeeth Pariksha board

हिंदी अनुवाद:

यह कोर्स क्यों करें?

 

व्यवस्थित:

श्रेष्ठ विद्वानों के सान्निध्य में जैन सिद्धांतों का सामान्य से लेकर विशेषज्ञ स्तर तक का व्यवस्थित अध्ययन

सरल:

खुली पुस्तक परीक्षा, हालांकि सिद्धांतों की गहन समझ सुनिश्चित करने के लिए चतुर प्रश्न. वस्तुनिष्ठ प्रश्न ताकि आपको अधिक लिखना ना पड़े.  

प्रैक्टिकल:

असाइनमेंट पद्धति से पाठ्यक्रम के दौरान सीखे सिद्धांतों के व्यावहारिक प्रयोग पर ज़ोर 

आसान विस्तार:

दुनिया के किसी भी कोने से जुड़ें – समय और स्थान की सीमाओं को तोड़ता लाइव और वर्चुअल ऑनलाइन बैच

सभी के लिए:

छात्र, व्यवसायी, सेवारत, गृहिणी और सेवानिवृत्त – 14 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए

परमगाम सम्मान पाठ्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

  • प्रत्येक सप्ताह केवल 2 घंटे की कक्षाएं
  • 5 वर्षों में 40+ जैन शास्त्रों का अध्ययन 
  • मूल सिद्धांतों पर आधारित पुस्तकें जैसे अहिंसा, निमित्त-उपादान, अनेकांत स्याद्वाद, आदि से लेकर पाँच परमागमों तक जैसे समयसार, आदि सभी शास्त्रों का गहन अध्ययन 
  • कोर्स के दौरान दैनिक जीवनोपयोगी असाइनमेंट और ‘वस्तुनिष्ठ मात्र’ सवालों के साथ फाइनल ‘खुली पुस्तक परीक्षा’
  • लाइव या वर्चुअल ऑनलाइन बैच के चुनाव का अवसर 
  • सभी कक्षाओं के रिकॉर्डिंग बाद में अभ्यास हेतु उपलब्ध  
  • कोर्स हर साल 2 सेमेस्टर में विभाजित होता है – सेमेस्टर 1 फरवरी-जून (जुलाई में परीक्षा) और सेमेस्टर 2 अगस्त-दिसंबर (जनवरी में परीक्षा)
  • पाठ्यक्रम जयपुर स्थित पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट में संचालित जैन दर्शन शास्त्री पाठ्यक्रम पर आधारित है
  • वीतराग विज्ञान विद्यापीठ परीक्षा बोर्ड द्वारा प्रमाणित

 

सब्सिडाइज्ड कोर्स की फीस: रु. 1500 प्रति वर्ष (इसमें पुस्तकें, भारत में कूरियर शुल्क, शिक्षण और परीक्षा शुल्क शामिल हैं)